Miracle of Love
Miracle of Love
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उनकी कोई जीवनी नहीं हो सकती। तथ्य कम हैं, कहानियाँ ज़्यादा। ऐसा लगता है कि भारत के कई हिस्सों में उन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता था, जो वर्षों से प्रकट और लुप्त होते रहे। हाल के वर्षों में उनके पश्चिमी भक्त उन्हें नीम करोली बाबा के नाम से जानते थे, लेकिन ज़्यादातर महाराजजी के नाम से - एक ऐसा उपनाम जो भारत में इतना आम है कि अक्सर किसी चायवाले को इसी नाम से पुकारा जाता है। जैसा उन्होंने कहा था, वे कोई नहीं थे। संक्षिप्त और सरलतम कहानियाँ ही उनकी शिक्षाएँ थीं। कभी-कभी वे मौन बैठते थे... लेकिन आनंद और शांति हम पर बरसती रहती थी। - अंजनी 1967 में मेरी मुलाकात नीम करोली बाबा से हुई, एक ऐसी मुलाक़ात जिसने मेरे जीवन की दिशा बदल दी। उनकी करुणा, ज्ञान, हास्य, शक्ति और प्रेम की गहराई में मुझे एक अभूतपूर्व मानवीय संभावना मिली। आत्मा और रूप का एक असाधारण एकीकरण। मैं उनके साथ थोड़े समय के लिए ही रहा, क्योंकि उन्होंने 1973 में अपना शरीर त्याग दिया था। फिर भी वे एक जीवंत सत्य के रूप में मेरे हृदय में समा गए, और उनकी उपस्थिति मेरे जीवन को समृद्ध और निर्देशित करती रही है। - राम दास
प्रकाशितकर्ता: श्री कैंची हनुमान मंदिर एवं आश्रम
कॉपीराइट: श्री कैंची हनुमान मंदिर एवं आश्रम (भारत के लिए)
पृष्ठों की संख्या: 406
मुद्रित: जून 25
लेखक: राम दास
भाषा: ENG- English
आईएसबीएन:
